सब कर रहे हैं तो हम भी करेंगे ?*

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



🥀 *सब कर रहे हैं तो हम भी करेंगे ?* 🥀



आज हमारा मुआशरह गुमराही के ऐसे रास्ते पर चल निकला है जहां सोचने समझने की सलाहियत खत्म होती जा रही है।
अकसर लोग सिर्फ इस बुनियाद पर गलत कामों में मुलव्विस हैं कि उन्होंने अपने इर्द-गिर्द के लोगों को वही करते देखा।

न तहकीक की, न गौर-ओ-फिक्र किया…
बस देखा कि "सब कर रहे हैं" तो हमने भी वही करना शुरू कर दिया!

💸 आज शादी ब्याह में
फुज़ूल रसूमात, बेपर्दगी, म्यूज़िक और नुमूद-ओ-नुमाइश को
शरीअत के अहकाम पर तरजीह दी जा रही है,
इसलिए कि "लोग भी तो यही करते है!"

💼 आज कमाई को नमाज़ पर,
दुनिया को दीन पर,
और नाम-ओ-शोहरत को ईमान पर तरजीह दी जा रही है।
क्यों?

इसलिए कि "सब ही तो ऐसा करते हैं!"

💰 आज दीनदारों की इज़्ज़त नहीं,
मालदारों की चमक दमक को सलाम किया जाता है।

🏠 घर की बाहया, पर्दा-नशीन बेटियां
रिश्तों से महरूम कर दी जाती हैं,
और फेसबुक, इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने वाली लड़कियों के रिश्ते तलाश किए जा रहे हैं।

और औरत…
जिसके लिए अल्ल़ाह عزوجل ने हया को ज़ेवर बनाया था,
आज वो घर के देवर जेठ तो क्या,
ग़ैरों के सामने भी बेपर्दगी और बेहयाई का मुज़ाहिरा कर रही है।

🕋 याद रखो!
हक़ हमेशा अकसरियत के साथ नहीं होता,
बल्कि वो हमेशा कुरआन-ओ-सुन्नत के ताबे होता है।
लोगों की पैरवी में नहीं,
अल्ल़ाह عزوجل और उसके रसूल ﷺ की इताअत में निजात है।

इसलिए मेरे अज़ीज़ों ये मत देखो कि लोग क्या करतें हैं बल्कि सिर्फ और सिर्फ ये देखो कि शरीअत क्या कहती है।

👉अल्ल़ाह عزوجل हमें हक़ को हक़ समझकर उस पर अमल करने
और बातिल को बातिल समझकर उससे बचने की तौफीक़ अता फरमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन 🤲



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/CoTrYIar9XdB3OW6o2jeiX

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

किसी आलिम को गाली देना कैसा है

औरतों को खुश्बू इस्तेमाल करना कैसा है*0️⃣5️⃣

अपने बच्चों की शादियाँ जल्द करो*1️⃣0️⃣