औरतों को खुश्बू इस्तेमाल करना कैसा है*0️⃣5️⃣

*🌹ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🌹*
*💚الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله صلی الله عليه وسلم💚*

*औरतों को खुश्बू इस्तेमाल करना कैसा है*

*ऐसा इतर बॉडी स्प्रे परफ्यूम या पाउडर वगैरह जिस की खुश्बू न मह़रम तक पहुँचे उसे लगा कर औरत घर से बाहर नहीं जा सकती, अलबत्ता अपने घर की चार दिवारी में जहाँ सिर्फ शौहर या औरत के माँ बाप भाई वगैरह (मह़ारिम ) हों वहाँ हर तरह की खुश्बू इस्तेमाल कर सकती है, हाँ येह एहतियात लाज़मी है कि देवर व जेठ और दीगर न मह़रमों तक खुश्बू न पहुंचे*

*खुलासा येह है कि ख़्वातीन अगर अपने घर या किसी ऐसी मजलिस में खुश्बू लागायें जहाँ गैर मह़रम न हों या ग़ैर मह़रमों को किसी भी तरह़ उनकी खुश्बू न पहुंचे तो जायज़ है और अगर गैर मह़रमों को वोह खुश्बू आती है और उस खुश्बू की वजह से कोई उनको देखता है तो उस का गुनाह उस औरत को भी मिलेगा, हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने येह भी इरशाद फरमाया है कि मर्दों की खुश्बू वोह है जिस की बू फैले और ख़्वातीन की खुश्बू वोह है जिस का रंग मालूम हो लेकिन बू न फैले जैसे मेंहदी वगैरह*

*ह़ज़रते अबू मूसा अशअरी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है कि नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया*

*हर आंख ज़िनाकार है और औरत जब खुश्बू लगा कर मजलिस के पास से गुज़रे तो वोह भी ऐसे ही है यानि वोह भी ज़ानिया है*

*हर आँख ज़िना कार है इसका मतलब येह है कि हर वोह आँख जो किसी अजनबी औरत की तरफ़ शह़वत से देखे वोह ज़ानिया है, और खुश्बू लगा कर किसी मजलिस के पास से गुज़रने वाली औरत इस लिए ज़ानिया है क्योंकि वोह लोगों की निगाहों को अपनी तरफ़ माइल करने का सबब बनी है इसलिए वोह बराबर की शरीक़ है.!*

📚(तिर्मिज़ी शरीफ़ जिल्द 2, ह़दीस 2786)
📚(सुनन निसाई सफह 532 ह़दीस 5129)
📚(अबू दाऊद शरीफ़ ह़दीस 4173)


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