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जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

LADKIYON KO PADHANA SAHI NAHI HAI

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 लड़कियों को पढ़ाना सही नहीं है 🥀* उन्वान (टाईटल) देख कर भड़कने से पहले हमारी पूरी बात सुन लें, हमें मालूम है कि जब कोई दीनी इल्म रखने वाला "मौलवी टाईप" शख्स ऐसी बातें करता है कि "लड़कियों को ये नहीं करना चाहिये, वो नहीं करना चाहिये...." तो कई लोगों को बड़ी तकलीफ होती है। अभी एक मुक़ाबला (कॉम्पिटिशन) चल रहा है कि "लड़कियाँ किसी से (खास कर लड़कों से) कम नहीं हैं" और तक़रीबन हर शख्स अपने घर की लड़कियों को इस मुक़ाबले का हिस्सा बनाना चाहता है। लड़का स्कूल जायेगा तो लड़की भी जायेगी, लड़का कॉलेज जायेगा तो लड़की भी जायेगी, ये नौकरी (जॉब) करेगा तो वो भी करेगी, अगर ये कुश्ती (बॉक्सिंग) करेगा तो उस ने भी चूड़ियाँ नहीं पहनी है और अगर ये सियासत (पॉलिटिक्स) में आयेगा तो वो भी इलेक्शन लड़ेगी! इस मुक़ाबले में जो चीज़ किनारे (साइड) कर दी गयी वो है "शरीअ़त" और अब तो ये सब इतना आम (कॉमन) हो चुका है कि गलत को गलत ही नहीं समझा जाता! ऐसे हालात में फँस जाता है "मौलवी टाईप" शख्स जो लोगों को ये समझाने निकलता है कि सही क्या है और गलत क्या है। बातें तो बह...

SIRF UMMUL M'UMINEEN

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 सिर्फ उम्मुल मुमिनीन 🥀* नबी -ए- करीम ﷺ की बीवियाँ सिर्फ मुसलमान मर्दों की मायें हैं औरतों की नहीं! एक औरत ने हज़रते आइशा सिद्दीक़ा रदिअल्लाहु त'आला अन्हा से कहा : ए माँ! तो हज़रते आइशा ने फरमाया : انا ام رجالکم و لست ام نسائكم "मैं तुम्हारे मर्दों की माँ हूँ, तुम्हारी औरतों की माँ नहीं हूँ।" (انظر: در منثور للسیوطی، ج5، ص183؛ و تفسیر در منثور اردو، ج5، ص525؛ و السنن الکبری، ج7، ص70، ر12570؛ و طبقات ابن سعد، ج8، ص67؛ و سبل الھدی والرشاد، ج11، ص146؛ و زاد المسیر، ج6، ص182؛ و تفسیر قرطبی، ج14، ص123؛ و فتح القدیر، ج4، ص263)  इमामे अहले सुन्नत, आला हज़रत रहीमहुल्लाह लिखते हैं कि अज़वाज -ए- मुतह्हरात उम्म्हातुल मुमिनीन हैं, उम्महातुल मुमिनात नहीं, उम्मुल मुमिनीन हज़रते आइशा रदिअल्लाहु त'आला अन्हा फरमाती हैं कि मैं तुम्हारे मर्दों की माँ हूँ औरतों की माँ नहीं हूँ। (انظر: فتاوی رضویہ، ج12، ص176)  👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

MAJLOOM MUSALMANO KI MADAD

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 मज़लूम मुसलमानो की मदद 🥀* अल्लाह त'आला मज़लूम मुसलमानो की मदद करने की तरग़ीब देते हुए इरशाद फरमाता है :  وَ مَا لَكُمْ لَا تُقَاتِلُوْنَ فِیْ سَبِیْلِ اللّٰهِ وَ الْمُسْتَضْعَفِیْنَ مِنَ الرِّجَالِ وَ النِّسَآءِ وَ الْوِلْدَانِ الَّذِیْنَ یَقُوْلُوْنَ رَبَّنَاۤ اَخْرِجْنَا مِنْ هٰذِهِ الْقَرْیَةِ الظَّالِمِ اَهْلُهَاۚ وَ اجْعَلْ لَّنَا مِنْ لَّدُنْكَ وَلِیًّا وَّ اجْعَلْ لَّنَا مِنْ لَّدُنْكَ نَصِیْرًاؕ "और तुम्हे क्या हो गया है के तुम अल्लाह की राह में जंग नही करते हालाँकि कई बेबस मर्द और औरते और बच्चे ऐसे है जो फरियाद करते है के ए हमारे रब! हमे इस बस्ती से निकाल जिस के बाशिंदे ज़ालिम है और हमारे लिए अपने पास से कोई हिमायत बना दे और हमारे लिए आपने पास से कोई मददगार बना दे" (سورۃ النساء: 75) कई इलाक़ो में मुसलमानो पर जुल्म के पहाड़ तोड़े जा रहे है लेकिन उम्मते मुस्लिमा खामोश खड़ी है।  आज अपने भाइयों पर ज़ुल्म होता देख कर हम इसे अन्देखा कर रहे है, आने वाले कल को हमारी बारी भी हो सकती है।  बड़े हैरत की बात है के अभी भी कुछ मुसलमानो को लगता है कि बगैर जंग किय...

ALLAH walon ka qurb

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 अल्लाह वालों का क़ुर्ब 🥀* हज़रते अबू सईद खुदरी रिवायत करते हैं कि नबीय्ये करीम ﷺ ने इरशाद फरमाया : तुम से पहले के लोगों में एक शख्स ने 99 क़त्ल किये फिर वो इलाक़े के सब से बड़े आलिम के पास गया और बताया कि उस ने 99 क़त्ल किये हैं (फिर पूछा कि) तौबा की गुंजाइश है? राहिब ने जवाब दिया: नहीं, उस शख्स ने उस राहिब को भी क़त्ल कर दिया और यूँ पूरे 100 हो गये। फिर वो शख्स एक बड़े आलिम के पास गया और पूछा कि क्या उस के लिये तौबा की गुंजाइश है? आलिम ने कहा कि हाँ! तौबा की क़बूलियत में कौन हाइल हो सकता है, जाओ तुम फुलाँ जगह जाओ, वहाँ कुछ लोग अल्लाह त'आला की इबादत कर रहे हैं, तुम उन के साथ अल्लाह की इबादत करो और अपनी ज़मीन की तरफ वापस ना जाओ क्योंकि वो बुरी जगह है। वो शख्स रवाना हुआ, जब आधे रास्ते पहुँचा तो मौत ने आ लिया! अब उस शख्स के बारे में रहमत के फिरिश्ते और अज़ाब के फिरिश्तों में इख्तिलाफ हो गया। रहमत के फिरिश्तों ने कहा कि ये शख्स तौबा करता हुआ और दिल से अल्लाह की तरफ मुतवज्जेह होता हुआ आ रहा था, और अज़ाब के फिरीश्तों ने कहा कि इस ने कोई नेक अमल नहीं किया। फिर इनके पास आदमी ...

SABPE NAZRE KARAM

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 सब पे नज़रे करम 🥀* हज़रते जरीर रदिअल्लाहु त'आला अन्हु से मरवी है कि नबीय्ये करीम ﷺ एक घर में दाखिल हुये तो घर (लोगों से) भर गया। हज़रते सैय्यिदुना जरीर वहाँ गये तो (अंदर जगह ना होने की वजह से) घर के बाहर बैठ गये। नबीय्ये करीम ﷺ ने उन्हें देखा तो अपना एक कपड़ा लपेट कर उन की तरफ फेंका और फरमाया कि इस पर बैठ जाओ। हज़रते सैय्यिदुना जरीर ने कपड़ा पकड़ा और अपने चेहरे पर लगा कर उसे बोसा दिया। (انظر: الانوار فی شمائل النبی المختار اردو ترجمہ بہ نام شمائل بغوی، ص225، 226، ر245)  सहाबा की तादाद लाखों में होने के बावजूद भी ऐसा नहीं हुआ कि नबीय्ये करीम ﷺ की नज़रे इनायत से कोई महरूम रहा हो। आप ﷺ हर एक की तरफ मुतवज्जेह होते थे और इसी तरह आप ﷺ अपनी उम्मत की भी खबर रखते हैं। 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

DUNYA KE LIYE ILM

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀दुनिया के लिए इल्म 🥀* नबीय्ये करीम ﷺ ने इरशाद फरमाया के जो अल्लाह की रज़ा के इलावा किसी और मक़सद के लिए इल्मे दीन हासिल करे तो वो अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले। (جامع الترمذی، باب ماجاء فیمن یطلب بعلمه الدنیاء، ح2655) सुनन तिर्मज़ी के जिस बाब में ये हदीस है उस का उनवान है :  "باب ماجاء فیمن یطلب بعلمه الدنیاء" यानी "जो इल्म के ज़रिए दुनिया का तलबगार हो" और इसी बाब में एक और हदीस कुछ यूं है कि नबीय्ये करीम ﷺ ने इरशाद फरमाया :  जो शख़्स इल्म इस लिए हासिल करे ताकि उस के ज़रिए उलमा का मुकाबला करे या जुहला के साथ बहस करे या लोगो की तवज्जोह अपनी तरफ मबज़ुल करे तो अल्लाह त'आला उसे जहन्नम में दाखिल करेगा। (ایضاً، ح2654) अल्लाह त'आला हमे फ़क़त अपनी रज़ा के लिए इल्म हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

AAPKA ZIKR HAI KHAS ZIKRE KHUDA

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 आप का ज़िक्र है खास ज़िक्रे खुदा 🥀* नबीय्ये अकरम, नूरे मुजस्सम, सरकार -ए- मदीना ﷺ का ज़िक्र करना, खुदा का ज़िक्र करना है। अल्लाह त'आला ने आप ﷺ के ज़िक्र को बुलंद किया है और अपना ज़िक्र क़रार दिया है। हदीस -ए- क़ुदसी है, अल्लाह त'आला फरमाता है : मैं ने ईमान का मुकम्मल होना इस बात पर मौक़ूफ कर दिया है कि (ए महबूब) मेरे ज़िक्र के साथ तुम्हारा ज़िक्र भी हो और मैने तुम्हारे ज़िक्र को अपना ज़िक्र ठहरा दिया है पस जिस ने तुम्हारा ज़िक्र किया उस ने मेरा ज़िक्र किया। (الشفاء للقاضی عیاض المالکی) क़ुरआन -ए- करीम में अल्लाह त'आला के ज़िक्र के साथ ज़िक्रे रसूल ﷺ के जलवे कई जगह नज़र आते हैं, चुनांचे इरशाद -ए- बारी है : (1) तो ऐलान -ए- जंग सुन लो अल्लाह और उस के रसूल की तरफ से। (البقرۃ:279) (2) और जो हुक्म माने अल्लाह और उस के रसूल का। (النساء:13) (3) और जो अल्लाह और उस के रसूल की नाफरमानी करे। (النساء:14) (4) हुक्म मानो अल्लाह का और हुक्म मानो रसूल का। (النساء:59) (5) तो उसे अल्लाह और उस के रसूल के हुज़ूर रुजू करो। (النساء:59) (6) अल्लाह की उतरी हुई किताब और रसूल की तरफ आओ।  (النسا...

FIQAH ME SABSE ZYADA ILM WALA KOUN

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 Fiqah Me Sabse Zyada ilm Wala Kaun 🥀*   _Hazrat Hiyan Bin Musa Al Marwazi Rehmatullahay'alaih Farmate Hai_ *Hazrat Abdullah Bin Mubarak Al Mutawaffah *181 Hijri Radi'Allahu'Anhu Se Pucha Gaya Ki Fiqah Me Sabse Zyada ilm Wala Kaun ? Imam Abu Hanifa Ya Imam Malik.?* _Toh Hazrat Abdullah Bin Mubarak Rehmatullahay'alaih Ne Jawab Diya_ *Abu Hanifa Radi'Allahu'Anhu* *Reference Book* Manaqib Imam Abi Hanifa Liz Zehbi Safa *32* 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

MOHTAJ KA JAB YE AALAM HAI

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 मोहताज का जब ये आलम है 🥀* हज़रते शैख अब्दुल अज़ीज़ दब्बाग रहीमहुल्लाहु त'आला के शागिर्द हज़रते अल्लामा अहमद बिन मुबारक अलैहिर्रहमा फ़रमाते हैं कि एक दिन में अपने उस्तादे मुहतरम के साथ महवे कलाम था। मैने आप रहीमहुल्लाहु त'आला के सामने हज़रते सुलेमान अलैहिस्सलाम का तज़्किरा किया कि अल्लाह त'आला ने उनके लिये किस तरह जिन्नो इन्स, शयातीन और हवा को मुसख्खर कर दिया था! मैने ये भी ज़िक्र किया कि हज़रते दाऊद अलैहिस्सलाम को ये मोजिज़ा अता किया गया कि लोहा उन के हाथ में आ कर आटे की टिकिया की तरह नर्म हो जाता! (फिर मैने कहा) हज़रते ईसा अलैहिस्सलाम को कोढियों को तंदरुस्त करने, मादर ज़ाद अँधों को बीना करने और मुर्दों को ज़िन्दा करने का मोजिज़ा अता फरमाया था! मेरी इस गुफ्तगू से आप रहीमहुल्लाह ने समझा कि शायद मैं ये कह रहा हूँ कि जब हुज़ूर ﷺ सैय्यिदुल खल्क़ हैं और तमाम अम्बिया से अफज़ल हैं तो फिर आप ﷺ से इस तरह के मोजिज़ात क्यों रुनुमा नहीं हुये और जो मोजिज़ात आप से रुनुमा हुये उन का अन्दाज़ जुदागाना है। इस के बाद उस्तादे मुहतरम ने फरमाया कि वो तमाम बादशाही जो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने ...

SHAFAAT

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 शफा'अत 🥀* रोज़े क़ियामत जब तमाम अम्बिया -ए- किराम फरमायेंगे कि : اذھبوا الی غیری (तुम किसी और के पास जाओ) उस वक़्त हमारे आक़ा मुहम्मद ﷺ फरमायेंगे : انا لھا (मै शफा'अत के लिये हूँ)  (1) صحیح بخاری، کتاب التفسير، 684/2 (2) صحیح مسلم، کتاب الایمان، 111/1 (3) مسند امام احمد بن حنبل، 435/2 (4) سنن ترمذی، کتاب صفة القیامة، 196/4 (5) المواھب اللدنیة، 446/4 (6) صحیح بخاری، کتاب التوحيد، 1101/2 (7) صحیح مسلم، باب اثبات الشفاعة، 108/1 (8) سنن ابن ماجہ، 329 (9) سنن ترمذی، ابواب التفسير، 3159 (10) سنن ترمذی، ابواب المناقب، 154/5 (11) الخصائص الکبری، 218/2 (12) مسند احمد بن حنبل، عن ابی بکر الصدیق، 5/1 (13) موارد الظامان، 642 (14) مسند ابی یعلی، 59/1 (15) کنز العمال بہ حوالہ البزار، 268/14 (16) مسند احمد بن حنبل، عن عبداللہ بن عباس، 281/1 (17) مسند ابی یعلی، عن عبداللہ بن عباس، 5/3 (18) المعجم الکبیر، 248/6 (19) السنة لابن ابی عاصم، 190 (20) المصنف لابن ابی شیبہ، 312/6 (ملخصاً: ضیاء الدین المتین فی تسھیل تجلی الیقین)  कहेंगे और नबी "इज़हबू इला गैरी" मेरे हुज़ूर...

LETNA OUR SONA

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 लेटना और सोना 🥀* *_पेट के बल लेटने वाले को अल्लाह पसंद नहीं फरमाता और फरमाया कि इस तरह काफिर व जहन्नमी लेटते हैं_* *_हुज़ूर ने ऐसी छत पर सोने से मना फरमाया जिस पर रोक ना हो_* *_अस्र के बाद सोना अक़्ल को कम करता है_* *_क़ैलूला यानि ज़ुहर बाद थोड़ी देर सोना सुन्नत है_*  *_दिन निकले तक सोना और मगरिब और इशा के दरमियान सोना मकरूह है_* *_दो मर्द का एक ही चादर में लेटना नाजायज़ है_* *_जब लड़का लड़की 10 साल के हो जायें तो उनका बिस्तर अलग कर दें_* *_10 साल का लड़का अपनी मां या बहन के साथ नहीं सो सकता बल्कि इस उम्र का लड़का किसी मर्द के साथ भी नहीं सो सकता_* *_इंसान जिस हालत में सोता है उसी पर उठता है और जिस हालत में मरता है उसी हालत में क़यामत के दिन उठेगा लिहाज़ा मौत का कोई भरोसा नहीं तो तौबा करके और दुआ वग़ैरह पढ़कर सोयें_*  *_सोते वक़्त ये दुआ पढ़ें अल्लाहुम्मा बिस्मेका अमूतो व अहया اللهم باسمك اموت واحي_* *_जो शख्स सोते वक़्त ये दुआ " अस्तग़फ़ेरुल लाहल लज़ी लाइलाहा इल्ला होवल हय्युल क़य्यूमो व आतूबो इलैहे استغفر الله الذى لااله الا هو الحى القيوم واتوب اليه " 3 बार पढ़ लेगा...

BADNIGAHI OUR BEPARDAGI

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 बद निगाही और बेपर्दगी 🥀*   *_➡➡➡ अपनी बात ⬅⬅⬅_* 👉🏻 *_सूर ए नुर की आयत नं 30 मे अल्लाह तआला ने मर्दो के लिये और आयत नं 31मे औरतो के लिये वाजेह तौर पर हुक्म फरमा दिया है!_*  〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ➡ *_अब इन दोनो आयात पर गौर करे तो आप पाएंगे की बनाव व सिंगार करने की इजाजत वह भी (Conditional) सिर्फ और सिर्फ औरतो को ही फरहाम की है! मर्दो को नही!_*  〰〰〰〰〰〰〰〰〰 🔥 *_अब जरा इस बात पर भी गौर करे आजकल के नौजवान और वह मर्द हजरात जो कॉलेजो मे बाजारो मे और खुसुसी तौर पर जहॉ लडकियो की आवाजाही होती है! अलग अलग ढंग के और उट- पटांग, अजीबो गरीब तरह के हेअर स्टाईल, अलग अलग रंगो से सर के बालो को रंगना, गले मे चैन, हाथ मे ब्रेसलेट, कान मे बाली, गले मे रुमाल लटकाना, फैशन के नाम पर खिलाफ ए शरह कपडे इस्तेमाल करना, मोटार बाईक को रेस करके अपनी तरफ मुतवज्जेह करना वगैरह वगैरह क्या यह मर्द का बनाव (सिंगार ) नहीं⁉_* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 💫 *_और रही बात मर्दो के लिये (बनाव) की तो अल्लाह रब्बुल इज्जत ने इसके लिये क्या खुब हुक्म फर्माया है मर्दो के लिये.._* *_یٰبَنِیۡۤ ا...

SAYYADA AYESHA SIDDIQA KI NAZAR ME HAZRAT SAYYEDINA UMAR ZINDA HAIN

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 Sayyada Ayesha Siddiqa Ki Nazar Me Hazrat Syyedina Umar Zinda Hain 🥀* *_Hazart Ayesha Siddiqa RadiyAllahu Ta’ala ‘Anha Bayaan Karti Hain Ki Jab Mein Us Hujra Mubarak Me Daakhil Huwi Jaha’n Huzoor ﷺ Aur Mere Waalid (Hazrat Abu Bakr Siddiq RadiyAllahu Ta’ala ‘Anhu) Madfoon Hain_* _To Mein Sar Ke Parde Ka Kapda Utaar Deti Thi Aur Kehti Thi : Be'shq Waha’n Mere Khaawind Aur Mere Walid Hain (Jin Se Parda Zaroori Nahin Hota)_ *Lekin Jab Waha’n Un Ke Saath Hazrat Umar RadiyAllahu Ta’ala ‘Anhu Bhi Madfoon Ho Gaye To Mein Waha’n Hazrat Umar Se Haya’ Kee Khaatir Mukammal Hijaab Me Daakhil Hoti Thi.”* *Point Bi Noted* _Yani Hazrat Ayesha Siddiqa Ka Aqeede Tha Ki Hazrat Umar Farooq Radi'Allah'Anhu Zinda Hain Tabhi Aap Pure Parde Me Jaya Karti Aur Insan Haya Aur Parda Kisse Karta Hai Zinde Se Ya Murde Se?_  *_Aur Isse Ye Bhi Clear Ho Gaya Ki Huzoor ﷺ Ki Qabr Mubarak Ki Ziyarat Ke Alawa Hazrat Abu Bakr Siddique Aur Hazrat Umar Farooq Radi'Allah'Anhuma Ki...

AAKHIRAT OUR HASHR KA BAYAN

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 आखिरत और हश्र का बयान 🥀*   ☝‌ *काफिर मुँह के बल चलते चलते मैदाने हश्र में जायेंगे किसी को फ़रिश्ते घसीट कर ले जायेंगे किसी को आग घेर कर लायेगी यह हश्र का मैदान मुल्के शाम की ज़मीन पर काइम होगा ज़मीन ताँबे की होगी और इतनी चिकनी और बराबर होगी कि एक किनारे पर राई का दाना गिर जाये ते दूसरे किनारे से साफ दिखाई देगा उस दिन सूरज एक मील की दूरी पर होगा इस ह़दीस के रिवायत करने वाले कहते हैं कि पता नहीं मील का मतलब सुर्मे की सलाई है या रास्ते की दूरी है अगर रास्ते की दूरी भी मान ली जाये तो भी सूरज बहुत करीब होगा* _*📕 बहारे शरीअत, हिस्सा 1, सफा 34 35*_ 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

BAHEN YA BETI KI PARWARISH KA SILAH

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴                                                *🥀 बहन या बेटी की परवरिश का सिलाह 🥀* ――――――――――――――――――――― _*📚हदीस : नबी-ए-करिम (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने इरशाद फरमाया :*_ _*"जिस (मुस्लमान) ने अपनी एक भी लड़की या बहन की परवरिश की और उसे सराई अदब सिखाया, उसे प्यार व मुहब्बत से पेश आया और उनकी शादी (निकाह) करवा दी तो अल्लाह तआला उसे जन्नत मे दाखिल करेगा"*_ _*📕 अबु दाऊद, जिल्द-3, बाब-578, हदीस-1706, सफा-617*_ _*📚हदीस : नबी-ए-करिम (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने इरशाद फरमाया :*_ _*"जो (मुस्लमान) लोग अपनी बच्चीयों को प्यार व मुहब्बत से परवरिश करेगें तो ओ बच्चीयां उनके लिये जहन्नम से आड़ (दिवार) बन जाएगी"*_ _*📕 तिर्मिजी शरिफ, जिल्द-1, बाब-1279, हदीस-1980, सफा-901*_ 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

WALIDAIN KI NAFARMANI OUR QATA RAHEMI KARNA

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 वालिदैन की ना फ़रमानी और क़तअ रहमी करना 🥀* 📕अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया👇 आयते करीमा तर्जमा👇 *और तुम्हारे रब ने हुक्म फ़रमाया के उसके सिवा किसी को ना पूजो, और मां बाप के साथ अच्छा सुलूक करो,* अगर तेरे सामने उनमें एक या दोनों बुढ़ापे को पहुंच जाएं तो उन्हें "हूं" ना कहना, और उन्हें ना झिड़कना और उनसे तअज़ीम की बात कहना और उनके लिए आजिज़ी का बाज़ू बिछा, नरम दिली से, और अर्ज़ कर ऐ मेरे रब तू इन दोनों पर रहम कर जैसा के उन दोनों (मां बाप) ने मुझे छोटे पन (बचपन) में पाला, *📚 पारा 15, सूरह ए बनी इसराइल, आयत 23/25, रुकू 3,* 📕और इरशाद फ़रमाया👇 आयते करीमा तर्जमा👇 तो क्या तुम्हारे ये लच्छन नज़र आते हैं के अगर तुम्हें हुकूमत मिले तो ज़मीन में फ़साद फ़ैलाओ और अपने रिश्ते काट दो, ये हैं वो लोग जिनपर अल्लाह ने लअनत की और उन्हें हक़ से बहरा कर दिया और उनकी आंखें फोड़ दीं, *📚 पारा 26, सूरह ए मुहम्मद, आयत 22/23, रुकू 7)* 📕हदीस शरीफ़👇 *हुज़ूर ए अक़दस सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया👇* सबसे बड़ा गुनाह अल्लाह तआला के सामने किसी को शरीक बनाना, वालि...

WAHI KI KISME

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 Wahi ke kisme 🥀* *🌹Khasais-e-Mustafa صلى اللّٰه تعالىٰ عليه وسلم* Sheikh Azeezuddin رحمة الله عليه​ ne farmaya: RasoolALLAH صلى اللّٰه تعالىٰ عليه وسلم ke khasais me se ye hai ki ALLAH عزوجل ne apse har qism ki Wahi ke sath Kalaam farmaya aur Wahi ki 3 qismen hain. 1: Roo'yaa-e-Saadiqah (Yani Bagair kisi parde ke qarib se Kalaam farmaya) 2: Bagair wasta Kalaam farmana. 3: Jibreel عليه السلام ke waste se Kalaam farmana. 📔(Khasaisul Kubra J-2, Pg.418) 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*

LAITREEN ME QIBLE KI TARAF MUH YA PEETH KARNA KAESA

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 लेट्रीन (Toilet) मै किब्ले (काअबे) 🕋 की तरफ़ मुँह या पीठ करना कैसा 🥀* 🌹 *हदीस शरीफ़:- अल्लाह के रसूल ﷺ ने इरशाद फ़रमाया "जब तुम मै से कोई रफ़-ऐ हाजत (पेशाब, पैखाना) करे, तो किब्ले की तरफ़ न मुँह करे और न पीठ"।* *📚 (मिश्कात शरीफ़, सफ़्हा न. 42)* 🌴 *इसके बरख़िलाफ़ अवाम तो अवाम बअज़ खवास (ख़ास) अहले इल्म तक मै इस बात का ख़्याल नहीं रखा जाता, और पैखाना पेशाब के वक़्त आमतौर से लोग किब्ले की जानिब मुंह या पीठ कर लेते हैं। घरों मै बैतुलखला (Toilet) बनाते वक़्त मुसलमानों को ख़ास तौर से इस काम का ख़्याल रखना चाहिए, कि बैठने की जगह (Seat) इस तरह लगानी चाहिए कि बैठने वाले का मुंह और पीठ किब्ले की तरफ़ न हो।* *🇮🇳 हिंदुस्तान मै लेट्रीन (Toilet) की सीटें उत्तर, दक्खिन (North/South) रखी जाएँ, पूरब और पश्चिम (East/West) न रखी जाएँ, अगर किसी ने ग़लती से सीट पूरब, पश्चिम करवाली तो उसे चाहिए कि वो दोबारा सही तरीके से उत्तर, दक्खिन उसका रुख करवाये,* 💫 👉🏿 *नमाज़े जनाज़ा पढ़ने के बाद उसी वुज़ू से दूसरी नमाज़ पढ़ने का मसला।* 💫             📢 *कुछ लोग समझते हैं कि जिस ...