इब्लीस का नाम इबलीस या शैतान क्यों

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*🥀 इब्लीस का नाम इबलीस या शैतान क्यों 🥀*



*मैसेज नम्बर-: 7️⃣*

♦इबलीस का मरदूद होने से पहले सुरयानी ज़बान में नाम अज़ाज़िल और अरबी ज़बान में हारिस था ! जब अल्लाह तआला के हुक़्म का इंकार किया तो इबलीस नाम हुआ जिसका मायने है ख़ैर से दूर होना और अल्लाह तआला की रहमत से नाउम्मीद होना, उसे शैतान भी कहा गया है अगर उसका माद्दा शतन हो तो मायने होगा हक़ से दूर होने वाला, अगर वह शैताह से मखुज़ है तो मायने होगा हलाक़ होने वाला और जल जाने वाला !
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*क़ानूने क़ुदरत और क़ानूने आदत में फ़र्क़*
*♻अल्लाह तआला* की आदत शरीफ़ा यह है कि आम तौर पर कामों के असबाब बना दिये हैं इसी तरह इंसानों की पैदाइश में भी कानून ए आदत अस्बाब के मातहत कर दिया गया कि मां और बाप से औलाद की पैदाइश होती है लेकिन यह कानून ए कुदरत नही !
⚜कानून ए क़ुदरत की *अल्लाह तआला* ने एक मिसाल कायम कर दी है कि मैं इस तरह भी कर सकता हूं अस्बाब की मुझे कोई मोहताजी नहीं, मर्द और औरत के बग़ैर अपने दस्ते क़ुदरत से मिट्टी का कालिब बनाकर उसमें रूह फुंक *हज़रत आदम अलैहिस्सलाम* को पैदा फ़रमाया और औरत के बग़ैर मर्द की पसली चाक करके आम आदत के ख़िलाफ़ हज़रत हव्वा को पैदा फरमा कर यह वाज़ेह कर दिया कि मैं बग़ैर औरतों के मर्दो से औलाद पैदा करने पर भी क़ादिर हु ! और औरत से बग़ैर उसके खाविंद के बेटा पैदा करके यह भी वाज़ेह कर दिया कि मेरी क़ुदरत से यह भी कोई बईद बात नही ! यानी हज़रत मरयम से *हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम* की पैदाइश तो एक आम तरीका के मुताबिक़ ही हुई लेकिन इसमें मर्द का कोई वास्ता नही, सिर्फ़ जिबराईल अमीन की फुंक का असर है क्योंकि ईसा अलैहिस्सलाम का कोई बाप नही !
*📚(तज़किरतुल अम्बिया, सफ़ा 43, 45)*
*👉🏻नोट::-* पोस्ट को खूब आम करें, बहुत अहम इल्म है साथ ही अगली पोस्ट पढे *“शैतान ने कहाँ से वसवसे वाली गुफ़्तगू की ?”*



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